हरितक्रांति से सदाबहार क्रांति की ओर होत्सव
(डा.जगदापलपलमा वर्तमान में भारत दूध , दालों , मसाले , चाय , काजू और जूट का विश्व में सबसे बड़ा उत्पादक है , जबकि गेहूं , चावल , फल व सब्जियां , गन्ना , कपास और तिलहन के उत्पादन में इसका दूसरा स्थान है । विश्व के लगभग 4 प्रतिशत जलस्रोत और 2.4 प्रतिशत भूमि संसाधन होने के बावजूद भारत द्वारा विश्व की लगभग 18 प्रतिशत जनसंख्या को खाद्य सुरक्षा उपलब्ध कराई गई है , जो अपनी तरह का अकेला वैश्विक कीर्तिमान है ।) हमारे देश आजादी का अमृत महोत्सव ( 75 वर्ष ) मना रहा है । भारत ने स्वतंत्रता के इस काल में विकास और कल्याण के विभिन्न क्षेत्रों में अनेक गौरवशाली उपलब्धियां हासिल की हैं । कृषि अनुसंधान और विकास ऐसा ही एक प्रमुख क्षेत्र है , जिसके माध्यम से देश बहुत पहले खाद्य सुरक्षा हासिल कर चुका है और पोषण सुरक्षा जैसे महत्त्वाकांक्षी लक्ष्य की ओर तेज़ी से कदम बढ़ा रहा है । आज भारतीय कृषि की एक उज्ज्वल , सुंदर और प्रगतिशील तस्वीर दिखाई दे रही है , जिसमें कृषकों की समृद्धि के रंग भी शामिल हैं । देश ने भूख , अकाल और शर्मनाक अन्न - दासता के कठिन दौर से आगे निकलकर खाद्यान्न आत्मनिर्भरता हासिल की है , और स्व...